उत्तर-
कुषाण शासक कनिष्क ने चतुर्थ बौद्ध संगीति अपने राज दरबार के विद्वान पार्श्व के कहने पर आयोजित की थी। इस बौद्ध संगीति का आयोजन कश्मीर के कुण्डलवन में किया गया, जिसकी अध्यक्षता वसुमित्र ने की थी। इसके उपाध्यक्ष अश्वघोष थे। इस संगीति में ही बौद्ध धर्म हीनयान और महायान में विभक्त हो गया था।
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